Go Search

ग्रामीण भारत में कंप्यूटर का बढ़ता प्रयोग

वर्तमान भारतीय आई टी क्षेत्र को देखें तो पता चलेगा कि जहाँ तक आई टी उत्पादों के उपयोग की बात है, राज्यों की रीजधानियाँ, वाणिज्य, औद्योगिक कार्यकलापों से जुड़े बड़े शहरों का हिस्सा उत्पादक हैं। लेकिन जिला मुख्यालयों तथा गाँवों में आई टी संबंधी अवगाहन बढ़ रहा हैं। पढ़ाई की खातिर गाँवों से शहरों में आने वाली युवा पीढ़ी, आई टी क्षेत्र में आर्जित ज्ञान के बल पर, अपने गाँवों में आई टी संबंधी जागरूकता उत्पन्न करने के लिए प्रयासरत हैं। यह बृहत कार्य धीरे-धीरे विस्तृत हे रहा है । युवा पीढ़ी के अलावा, विभिन्न क्षेत्रों की स्थानिक समितियां भी साथ दे रही हैं। इन रोचक परिणामों के बारे में जानने की इच्छा जाग उठी है न !

ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए…
अपने बचपन गाँवों में ही बिताकर, उच्च शिक्षा के लिए शहर पहुँचने वाली युवा पीढ़ी आई टी की शिक्षा प्राप्त करके अच्छा वेतन देने वाली उच्च क्षेणी आई टी नौकरियों में जम गई। ये लोग मात्र धनार्जन तक सीमित नहीं रहते, अपना आई टी ज्ञान अपने गाँवों को देने के लिए तत्पर हैं। इसके लिए वे अपने लैप-टाप कंप्यूटरों का उपयोग कर रहे हैं, जिन्हे उन्होंने अपने वैयक्तिक कार्यकलापों के लिए खरीदा था। विशेषतः गर्मी की छुट्टयों में ये युवजन अनेक ग्रूप बनकर, गाँवों में जाकर वहाँ के विद्यार्थियों को साफ्टवेयर, हार्डवेयर संबंधी प्राथमिक बातों से अवगत करते हैं। विश्व विख्यात माइक्रोसाफ्ट आफिस के उत्पादों के उपयोग के बारे में स्कूल बच्चों को, उनके स्तर के अनुरूप, अवगत करा रहे हैं। इसी प्रकार महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी सहायता प्रदान कर रहे हैं ।

महिलाओं के लिए…
बड़े शहरों में आई टी क्षेत्र में कार्यरत महिलाएं गाँवों, छोटे शहरों की महिलाओं में आई टी संबंधी अवगाहन बढ़ाने के लिए तत्पर हैं। पहले, विभिन्न स्तरों की महिलाओं की आवश्यकताओं को पहचानकर, वे विचार करती हैं कि उन महिलाओं कौन-सी साफ्टवेयर में प्रशिक्षण देना उपयुक्त होगा । इसके अनुरूप प्रशिक्षण देती हैं। प्रशिक्षण के लिए अहाता, बुनियादी ढांचा आदि विषयों ये महिलाएं स्थानिक महिला समितियों का सहारा लेती हैं। ताजा खबर यह है कि ग्रामीण महिलाएं अपनी कला-निपुणता को बेहतर बनाने के लिए उपयोक्त अभिकल्प से संबंधित साफ्टवेयर में रुचि रखती हैं ।

लेखाकरण को प्रधानता…
गाँवों या छोटे-छोटे शहरों के निवासी का मुख्य व्यवसाय है - व्यापार । दैनिक जीवन के लिए आवश्यक वस्तुओं, फैन्सी सामग्री की दुकान या औषधालय चलाना । खासकर, पुरुष दूसरे पेशे या व्यवसाय के लिए बाहर जाते हैं तो महिलाएँ दुकानों में बैठकर व्यापार का निर्वाह करती हैं। मौखिक तौर पर रुपयों की गिनती करने में कुशल रहने वाली ये महिलाएँ लाभ-नष्ट का प्राक्कलन, कर-भुगतान आदि विषयों में अधिकारियों या कार्यालयों को अपने व्यापार-व्यवहार संबंधी विवरण प्रस्तुत करे की पद्‌धतियों से अनभिज्ञ होने के कारण कई परेशानियों का शिकार होती हैं। आई टी विशेषज्ञों की सहायता से, स्थानिक व्यापारी संध, माइक्रोसाफ्ट समेत लेखाकरण साफ्टवेयरों में इनको प्रशिक्षण दिला रहे हैं ।

गाँवों की ओर - बी पी ओ…
ग्रामीण भारत में आई टी सुविधाएं बढ़ रही हैं और इसका प्रमाण है गाँवों में बीपीओ का स्थापन। अनेक बीपीओ संस्थाओं ने ग्रामीण युवजन की शक्ति को पहचानकर, गाँवों में अपने केंद्र खोलने का प्रतिपादन कर रही हैं। तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के ग्रामीण इलाकों में बीपीओ केंद्र प्रारंभ करने के संबंध अनेक आई टी संस्थाओं ने योजनाएं तैयार कर दी हैं। उल्लेखनीय है कि कुछेक ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के नेतृत्व में बीपीओ कार्यालय शुरू हो चुके हैं।

कार्यकलापों में आई टी…
पत्रिकाओं और टीवी चैनलों द्‌वारा आई टी क्षेत्र की वृद्धि की जानकारी हासिल करने ग्रामीण एवं छोटे शहरों के निवासी अपने दैनिक कार्यकलापों में आई टी उत्पादों का उपयोग करने में रुचि दिखा रहे हैं। इसके कारण अब गाँवों में भी अनेक आई टी शिक्षण संस्थाएं स्थापित हो चुकी हैं। कहना न होगा कि आई टी पाठ्‌यक्रमों को सीखने वाले ग्रामीण युवजन की संख्या बढ़ रही हैं।

This site uses Unicode and Open Type fonts for Indic Languages. Powered by Microsoft SharePoint Server.
©2013 Microsoft Corporation. All rights reserved.